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TLM



कक्षा -8
विषय-विज्ञान
पाठ-खनिज एवं धातु

चुम्बकीय पृथक्करण विधि:-
https://youtu.be/45WYdJeYtAk

चुंबकीय गुणों पर आधारित अयस्कों का सांद्रण किया जा सकता है अर्थात अयस्क या अशुद्धि में से किसी एक का स्वभाव चुम्बकीय हो तो इस विधि का प्रयोग करते हैं।
बच्चों के  प्रत्यक्षीकरण हेतु चुम्बकीय पृथक्करण मॉडल को निम्न प्रकार से तैयार कर सकते हैं।
 आवश्यक सामग्री:-
1-1.5×1.5 फ़ीट की दो चौकोर प्लाई
2-चुम्बकीय रोलर (Magnetic Roller)
3-अचुम्बकीय रोलर -1 (सुविधानुसार चप्पल को काटकर बना सकते हैं)
4-दो छोटे -छोटे डिब्बे
5-बैटरी (4 वोल्ट ,1 amp) -1
6-मोटर (6 वोल्ट)-1
7-पट्टा
8-स्विच
9-कीप आदि

निर्माण विधि:-
चुंबकीय पृथक्करण मॉडल तैयार करते समय सर्वप्रथम दोनों प्लाई को अंग्रेजी के अक्षर L -शेप में व्यवस्थित कर लेते हैं दोनों प्लाई में अंतर स्पष्ट करने के लिए अलग-अलग रंगों से  रंग देते हैं। लंबवत प्लाई की समुचित दूरी पर चुंबकीय अचुंबकीय रोलर को मोटर में व्यवस्थित कर बैटरी से कनेक्ट कर देते हैं।मोटर को स्टार्ट करने हेतु स्विच का प्रयोग करते हैं।दोनों रोलरों के मध्य एक गतिशील पट्टे पर पिसा अयस्क कीप की सहायता से डालते हैं,जिससे अचुम्बकीय पदार्थ पत्ते से दूर तथा चुम्बकीय पदार्थ पट्टे के निकट स्थित डिब्बे में गिरते हैं।


साभार :-
खुर्शीद अहमद
पूर्व माध्यमिक विद्यालय मथुराछापर
तरकुलवा, देवरिया





T.L.M का नाम--गति के प्रकार

कक्षा-6     पाठ का नाम-गति,बल और यन्त्र
उद्देश्य--बच्चों को विभिन्न प्रकार की गतियो के बारें में समझ विकसित करना।

सहायक सामग्री ---
1-- 2.5×4 फिट की प्लाई बोर्ड
2- 4volt,1amp की बैटरी
3- 2 मोटर 6volt
4- छोटा बड़ा 2 प्लास्टिक की गेंद
5- 3×12cm की प्लाई का टुकड़ा-1
6- 1.5×12cm की प्लाई का टुकड़ा-5
7- प्लास्टिक का मोटरकार-3
8- LED लाइट - 4वोल्ट-8पीस
9- स्ट्रा पाइप -8
10- 4 मीटर वायर
11- कील -100gm
12- विभिन्न रंगो के पेन्ट व् प्राइमर
13- छोटा ग्लोब
14- प्लास्टिक के पौधे
15- फेविकोल
16- M-सील
17-सोल्डिग सामग्री आदि....


निर्माण विधि ~ सर्वप्रथम 2.5 × 4फीट नाप की प्लाई बोर्ड को काट कर प्राइमर से रंगने के बाद आवश्यकता अनुसार विभिन्न प्रकार के रंगो से रंग देते है। प्लाई के सबसे बाई ओर सरल रेखीय गति को प्रदर्शित करने हेतु काले पेन्ट से सड़क को प्रदर्शित करते है, जिस पर एक सीधी रेखा में 3 प्लास्टिक की गाड़ियाँ गतिमान है।आकर्षण के लिए सड़क के बाई ओर LED लाईटो को समान्तर क्रम में जोड़ कर उसे 4 volt की बैटरी से कनेक्ट कर स्वीच सेट कर देते है। सड़क के दांयी ओर प्लास्टिक के पौधों को उचित दुरी पर फेविकोल से चिपका देते है।गतिमान गाड़ियाँ सरल रेखीय गति को प्रदर्शित करती है।

घूर्णन गति (ROTATORY MOTION) व वृत्तीय गति(CIRCULAR MOTION) के लिए प्लास्टिक के 2 छोटे-बड़े गेंदों को आवश्यक रंगो से क्रमशः पृथ्वी और सूर्य का रूप देकर उसे 3 × 12cm नाप की प्लाई के टुकड़े पर एक सीरे पर पृथ्वी को 6volt मोटर व् 4volt,1amp की बैटरी से कनेक्ट कर देते है। जब इसे सप्लाई दिया जाता है,तो मोटर की सहायता से पृथ्वी को प्रदर्शित करने वाला गेंद अपने ही धूरी पर घूमने लगता है,यह एक घुर्णन गति है।अब 12cm त्रिज्या वाले वृत्त को लाल पेन्ट से रंगने के बाद केन्द्र में 1cm का छिद्र कर निचे से 6volt मोटर व 4volt की बैटरी को कनेक्ट कर देते है तथा पुनः 3×12cm.के प्लाई के दूसरे सिरे पर सूर्य को चिपका कर, पूरे पार्ट को दूसरे मोटर पर सेट कर देते है। जब इसे सप्लाई दी जाती है, तो पृथ्वी अपनी धुरी पर घुमतेे हुए सूर्य के चारो ओर घुमना प्रारम्भ कर देती है,यह एक वृत्तीय गति है
Note-- घूर्णन गति के लिए प्लाईबोर्ड पर एक छोटा ग्लोब को भी व्यवस्थित किया गया है,जिसे हल्का सा बल देने पर एक अक्ष के चारो ओर घुमने लगता है।

दोलन गति (OSCILLATORI MOTION) -के लिए 1.5×12cm. के प्लाई के टुकड़ो से एक झूले का निर्माण कर उसे स्क्रू से प्लाई बोर्ड में कस लेते है। झूले को सामान्य स्थिति से आगे खीच कर छोड़ने पर वह सामान्य स्थिति के इधर-उधर गति करने लगता है, यह एक दोलन गति है।
◆आर्वतगति (PERIODIC MOTION)-के लिए m-seal की सहायता से लोलक का निर्माण कर उसे स्क्रू से 1.5×10cm.के प्लाई के टुकड़े को बोर्ड पर कस देते है।लोलक को एक ओर खीच कर छोड़ने पर एक निश्चित समयान्तराल के बाद बार-बार अपने पूर्व गति को दोहराती है।यह एक आवर्त गति है।
Note-- सभी प्रकार की दोलन गति आवर्त गति होती है,परन्तु सभी प्रकार की आवर्त गति दोलन गति नहीं हो सकती।

कम्पनिक गति(VIBRATORY MOTION)- को प्रदर्शित करने के लिए 2 कीलो की सहायता से रबड़ को तान कर विपरीत सिरो को फसा देते है। रबड़ को तान कर छोड़ने पर कंम्पन गति प्रारम्भ हो जाती है।
क्रिया विधि ~ प्लाई बोर्ड पर व्यवस्थित विभिन्न प्रकार की गतियों को निरूपित करने वाले पिण्ड।वस्तु को आवश्यक बल/सप्लाई देने पर सम्बंधित पिण्ड/वस्तु गतिमान हो जा रही है।(निर्माण विधि में उल्लेखित है।)
बच्चों को लाभ~ इस मॉडल की सहायता से दैनिक जीवन में होने वाली विभिन्न प्रकार की गतियों को देखकर बच्चे गति के प्रकार उदाहरण सहित बता सकेगें।
   इस मॉडल की सहायता से सरल, रुचिपूर्ण, आकर्षक, एवं प्रभावी शिक्षण प्रक्रिया में शिक्षण के उद्देश्य सरलतापूर्वक प्राप्त किए जा सकते है।

साभार 
खुर्शीद अहमद(स.अ.)
पू.मा.वि.-मथुराछापर
ब्लाक- तरकुलवा
जनपद-देवरिया
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